शक्कर की खपत व गठिया
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शक्कर की खपत व गठिया

क्या शक्कर की खपत व गठिया का कोई संबंध है? इज संबंध में अधिक जानने के लिए, इस लेख को पढ़ें.

सामान्यत: पर गठिया के रोगियों को सूचना दी जाती है कि वे शक्कर का सेवन न करें, या इसका सेवन कम से कम करें. शक्कर के अत्यधिक सेवन से शरीर के जोड़ों में सूजन हो सकती है. स्वाभाविकत: गठिया होने की आशंका बढ़ाती है.

यदि आपको गठिया की समस्या तथा शरीर में जोडोंपर निरंतर सूजन हो, तो सावधान रहें. ऐसा इसलिए है, क्योंकि यह आपके शरीर में बढ़े हुए शर्करा के स्तर का संकेत हो सकता है. कई अध्ययनों से पता चला है कि गठिया के रोगियों को शक्कर का सेवन करते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है.

गठिया क्या है?

गठिया एक ऐसी स्थिति है, जो सूजन के कारण बड़ी संख्या में हड्डियों तथा जोड़ों को प्रभावित करती है. ऐसे में कुछ पदार्थ हैं जिन्हें खाने से रोगी को बचना चाहिए. क्योंकि ये पदार्थ बाद में जोड़ों में सूजन पैदा कर सकते हैं. जिसमें शक्कर का सेवन सबसे अधिक संकटमय है. बहुत अधिक शक्कर खाने से गठिया सहित अन्य रोग हो सकते हैं. यही कारण है कि रुमेटीइड गठिया वाले रोगियों को उन खाद्य पदार्थों को नहीं खाने की चेतावनी दी जाती है, जो सूजन उत्पन्न कर सकते हैं.

जोड़ों की निरंतर सूजन से गठिया हो सकता है. कई प्रकार के गठिया हैं, जैसे कि ऑस्टियोआर्थराइटिस, रुमेटीइड गठिया और सोरियाटिक गठिया. हालाँकि यह रोग वयस्क व्यक्तियों में सामान्य हुआ करता था. किंतु अभी कम आयु की मंडलियाँ भी अब इस रोग से पीड़ित दिखायी पड रही हैं. संधिशोथ घुटनों, कलाई और हाथों के जोड़ों को प्रभावित करता है. वहीं ऑस्टियोआर्थराइटिस घुटनों और कूल्हों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है. जब किसी व्यक्ति को ऑस्टियोआर्थराइटिस होता है, तो समय-समय पर जोड़ों में ऊतकों का टूटना आरंभ हो जाता है.

क्या कहता है संशोधन ?

217 रोगियों के एक अध्ययन में पाया गया कि शर्करा वाले खाद्य पदार्थ गठिया के लक्षणों को प्रभावित करते हैं. रुग्णों के अनुभव से पता चलता है कि शक्कर के साथ सोडा उन खाद्यपदार्थो में से एक है, जिन्होंने उनके गठिया की स्थिति को तीव्र बना दिया है. यदि आप गठिया से पीड़ित हैं, तो शक्कर खाने से बचें. यह आपके शरीर में सूजन को बढ़ा सकता है. जिससे आप मोटे भी हो सकते हैं. कई खाद्य पदार्थों एवम पेय पदार्थों में शक्कर के छिपे हुए स्रोत होते हैं, इसलिए जब आप उन्हें खाते हैं तो उन पर लेबल पढ़ना न भूलें.

विकल्प क्या हैं?

यदि आप चाय या किसी भी पेय में शक्कर डालना चाहते हैं, तो स्वीटनर का उपयोग करें. यह सूचना दी जाती है है कि शक्कर का विकल्प, शहद, शुद्ध मेपल सिरप हो सकता है. यह गठिया के रोगियों के लिए भी तुलनात्मक दृष्ट्या अधिक सुरक्षित तथा लाभदायी है.

कोल्ड ड्रिंक्स से बचें. सुगंधित या सुगंधित पेय गठिया के रोगियों को के लिए चिंता का कारण बन सकता हैं. एक अध्ययन में पाया गया कि सोडा जैसे पेय पदार्थ शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा, सोडा फॉस्फेट में उच्च है. यदि कैल्शियम में फॉस्फेट को ठीक से नहीं मिलाया जाए तो हड्डियों को हानि पहुंचती है. सोडा की औसत मात्रा 150 कैलोरी होती है. सोडा के एक कैन में औसतन 10 चम्मच शक्कर होती है.

कितनी शक्कर खाना स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है?

गठिया के मरीजों को कम शक्कर खाने की सूचना दी जाती है. ऐसी स्थिति में उन्हें अपने आहार में कितनी शक्कर अपनानी चाहिए ? सीडीसी के अनुसार, गठिया के रोगियों को अपने दैनिक कैलोरी का 10 प्रतिशत से कम सेवन करना चाहिए. इसका अर्थ है कि आपको एक दिन में 2000 कैलोरी आहार में 200 कैलोरी या 12 चम्मच से अधिक शक्कर नहीं खानी चाहिए.

गठिया के बारे में अधिक जानकारी इंग्लिश में पढने के लिए हमारे ब्लॉग्स telecart.com पर पढ़ें. जोड़ों की पीडा के लिए सुरक्षित उपाय के संबंध में अधिक जानने के लिए, Orthayu का उपयोग करके देखे. कई लोगों ने इससे पीडामुक्ती पायी है.

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