hair care

स्वाभाविक रूप से अपने भूरे केश करें काला

यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं जो सामान्यत: भूरे केश काला करने के लिए उपयुक्त हैं.

केशों को भूरा रंग क्यों आता है ?

हमें इस कारण को समझने की आवश्यकता है कि मूलत: काले बाल धीरे धीरे भूरे रंग के क्यों हो जाते हैं. किंतु अधिकतर लोग उन के केश भूरे रंग के होने के पश्चात,उनको काला रखने की चिंता करते है, या उससे संबंधित उपायों को धुँडने लगते हैं. भुरे केश

हमें इस कारण को समझने की आवश्यकता है कि मूलत: काले बाल धीरे धीरे भूरे रंग के क्यों हो जाते हैं. किंतु अधिकतर लोग उन के केश भूरे रंग के होने के पश्चात,उनको काला रखने की चिंता तथा उस सए संबंधित उपायों को धुँडने लगते हैं. भुरे केश छुपाने के लिए वो या तो केशों पर विभिन्न रंगों का प्रयोग करते हैं या फिर सर्वाधिक सरल एवम लोकप्रिय उपाय,  रासायनिक पद्धती से बना काला डाय नियमित रूप से लगाके केशों को काला रखने का प्रयास करते है.

यह दोनो उपाय से केशों का भुरा होना नहीं रुक पाता. इस के परिणामस्वरूप, धीरे-धीरे केशों के झड़ना तथा केशों से संबंधित अन्य समस्याओं का उत्पन्न होना टल नहीं पाता.

रक्त में एक रासायनिक मेलेनिन नामक रासायनिक तत्व होता है जो केशों को काला बनाए रखता है. जैसे ही इस रसायन का प्रतिशत कम होता है, यह केश भुरे होने लगते है.

रंग को छिपाने के लिए वो या तो केशों पर विभिन्न रंगों का प्रयोग करते हैं या फिर सर्वाधिक सरल एवम लोकप्रिय उपाय,  रासायनिक पद्धती से बना काला डाय नियमित रूप से लगाके केशों को काला रखने का प्रयास करते है.

यह दोनो उपाय से केशों का भुरा होना नही रुकता. इस के परिणामस्वरूप, धीरे-धीरे केशों के झड़ना तथा केशों से संबंधित अन्य समस्याओं का उत्पन्न होना टल नहीं पाता.

रक्त में एक रासायनिक मेलेनिन नामक रासायनिक तत्व होता है जो केशों को काला बनाए रखता है. जैसे ही इस रसायन का प्रतिशत कम होता है, यह केश भुरे होने लगते है.

कुछ सरल सहज उपाय

  1. सौ ग्राम बादाम, सौ ग्राम किशमिश एवम दस ग्राम काली मिर्च लें. उन्हें मिक्सर में पीसें और पानी के साथ थोडे घी का उपयोग करके उसी की छोटी छोटी गोलियां बनाए. इन में से चार चार गोलियाँ प्रतिदिन सुबह और शाम को भोजन से पूर्व खाएं. इससे केशोंके भुरे होने की गति को कम करने में सहाय्यता होगी.
  2. आहार में गाजर, टमाटर का रस, स्ट्रॉबेरी, रसभरी तथास्पिरुलिना यानी खाद्य शैवाल या इसके कैप्सूल का समावेश करें.
  3. प्रतिदिन एक चम्मच काले तिल और काले गुड़ का सेवन करें.
  4. आयुर्वेद के अनुसार जिन व्यक्तियों की शीत प्रकृति होती है या कफ कारक प्रकृति है, उन्हें बाल धोते समय तिल के तेल में स्फटिकमृदा चूर्ण (एल्यूमिना पाउडर) का मिश्रण करके लगाना चाहिए. जिन व्यक्तियों की उष्ण प्रकृति होती है, उन्हें तिल के तेल के बजाय नारियल के तेल का उपयोग करना चाहिए.
  5. केशों की जड़ों में डाई की तरह एक मोटे आंवला (इंडियन गूसेबेरी) का पेस्ट लगाएँ.

नारियल अत्यंत उपयुक्त

  1. नारियल के तेल में नींबू निचोड़ें और इसे नियमित रूप से सिर पर लगाएं. इसमें बायोटिनिन होता है जो भूरे केशों में कमी का कारण बनता है.
  2. अन्य एक उपाय : नारियल के तेल के साथ करी पाउडर मिलाएं. इसे सप्ताह में दो बार भूरे केशों पर लगाएं.

कुछ अन्य उपाय

  1. एक चम्मच चाय पाउडर और एक चम्मच प्राकृतिक कॉफी पाउडर को एक कप पानी के साथ उबालें, जब तक कि यह एक चौथाई कप तक कम न हो जाए. सप्ताह में दो बार उसी का उपयोग करके मालिश करें. इसके सूखने के बाद केशों को पानी से धो लें.
  2. सप्ताह में एक बार केशों की जड़ों में सफ़ेद प्याज के पेस्ट से लगाएँ और मालिश करें और फिर एक हर्बल शैम्पू से धो लें.
  3. प्राकृतिक मेहंदी पाउडर को आयुर्वेदिक दुकान से ही खरीदें.उस में एक तेजपत्ता डालके एक कप पानी में कुछ समय के लिए उबालें. इस की पेस्ट बनाकर डाई की तरह केशों पर लगा लें.
  4. शिकाकाई पाउडर को रात भर पानी में भिगोकर रखें. दुसरे दिन सुबह इसे १० मिनट तक उबालें. इस मिश्रणको अपने मस्तक पर लगाएं तथा उस से मालिश करें. फिर स्नान कर के केशों को अच्छी तरह धो डाले.

सावधानी

ऊपर दिए गये उपायों को वैकल्पिक रूप से अपनाए तथा किसी भी मालिश चिकित्सा के बाद गैर-रासायनिक प्राकृतिक शैम्पू से ही केशों को धोएं.

केशों से संबंधित अधिक जानकारी पाने के लिए आप हमारे इंग्लिश ब्लॉग्स भी पढ सकते है.

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